रिपोर्टर: अमित दीक्षित जिला ब्यूरो चीफ
पीलीभीत : जिले के सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सड़िया में रामनवमी के पावन अवसर पर आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब ग्राम प्रधान पति ने अपने साथियों के साथ मिलकर जमकर उत्पात मचाया। आरोप है कि निमंत्रण न मिलने से नाराज प्रधान पति ने न केवल ग्रामीणों के साथ मारपीट की, बल्कि बन रहे पवित्र प्रसाद को भी फेंक दिया।
विवाद का मुख्य कारण
ग्रामीणों के अनुसार, रामनवमी के उपलक्ष्य में गांव में सामूहिक सहयोग से एक ‘भंडारे’ का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन ग्राम प्रधान को औपचारिक निमंत्रण न दिए जाने की बात सामने आई। इसी बात से नाराज होकर प्रधान पति रिंकू शर्मा, राजू शर्मा और उनके कुछ अन्य साथी मौके पर पहुँच गए।
मारपीट और धार्मिक आस्था को ठेस
प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि प्रधान पति और उनके साथियों ने आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी। जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, तो उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। हंगामा इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने वहां बन रहे प्रसाद को फेंक दिया, जिससे ग्रामीणों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इस घटना के बाद मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
घटना के बाद दर्जनों की संख्या में ग्रामीण सुनगढ़ी थाने पहुंचे और तहरीर दी। ग्रामीणों का आरोप है कि:
यह केवल मारपीट का मामला नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर धार्मिक आस्था पर हमला है।
पुलिस ने प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर मामले को ‘हल्का’ कर दिया है।
पुलिस ने गंभीर धाराओं के बजाय दोनों पक्षों का ‘शांति भंग’ (धारा 151) में चालान कर दिया है।
प्रशासन का पक्ष
सुनगढ़ी थाना प्रभारी के अनुसार, मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने स्थिति को संभाला। वर्तमान में स्थिति सामान्य बताई जा रही है और पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के विरुद्ध शांति भंग की धारा में नियमानुसार कार्रवाई की गई है।







